450 एकड़ में नए एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया तेज

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उज्जैन (मध्य स्वर्णिम): बाबा महाकाल की धार्मिक नगरी उज्जैन में अब जल्द ही देश-दुनिया से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ने जा रही है | सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन ने यहां 450 एकड़ भूमि पर एक भव्य नया एयरपोर्ट बनाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए एमओयू की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के मुताबिक, परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जल्द ही निर्माण एजेंसी को ऑन बोर्ड कर काम शुरू कराया जाएगा। प्रभावित किसानों की जमीनों का सर्वे जारी है और उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़े हुए गाइडलाइन मूल्य व निर्धारित फैक्टर के तहत बेहतर मुआवजा दिया जाएगा। महाकाल की नगरी में बनने वाला यह एयरपोर्ट न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सफर आसान करेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, निवेश और रोजगार को भी एक नई उड़ान देगा।सिंहस्थ- 2028 के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह एयरपोर्ट गेम चेंजर साबित होगा । 147 करोड़ के इस शुरुआती निवेश से उज्जैन में न केवल हवाई यातायात शुरू होगा, बल्कि यह आपदा प्रबंधन और वीआईपी मूवमेंट का मुख्य केंद्र भी बनेगा । अगले कुछ महीनों में दताना हवाई पट्टी पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो जाएगा, जो उज्जैन के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करेगा । यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो सिंहस्थ से काफी पहले उज्जैन के आसमान में बड़े विमानों की गूंज सुनाई देगी, जो मालवा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उज्जैन एयरपोर्ट के लिए मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल पिछले महीने 590 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर चुका है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ से पहले इस एयरपोर्ट को पूर्णत: क्रियाशील बनाना है । इस राशि से टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार, आधुनिक एटीसी टावर, फायर स्टेशन और यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह निवेश उज्जैन को मालवा क्षेत्र के एक प्रमुख लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा । राज्य सरकार के इस कदम से स्पष्ट है कि उज्जैन अब केवल एक धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि भविष्य का एक आधुनिक स्मार्ट एविएशन हब बनने की ओर अग्रसर है। अनुमान है कि सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे।

शिव भक्तों के लिए रेलवे का तोहफा:
भारतीय रेलवे भगवान शिव के भक्तों के लिए एक खास तोहफा लेकर आया है। रेलवे ने 12 में से 5 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन नामक एक विशेष रेल सेवा शुरू की है। यह सेवा आईआरसीटीसी (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन) द्वारा संचालित की जाएगी। हालांकि यह सेवा जुलाई महीने में शुरू होगी, लेकिन फिर भी श्रद्धालुओं में इस सुविधा को लेकर काफी उत्साह है। विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग लोग जो दूर-दराज के स्टेशनों तक पहुंचनें में कठिनाइयों का सामना करते हैं, उन्हें इस सेवा से काफी राहत मिलेगी।आईआरसीटीसी के एग्जीक्यूटिव टूरिज्म राहुल होलकर और रेलवे पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि 11 जुलाई 2026 को रीवा से हर-हर महादेव के जयकारों के साथ आईआरसीटीसी की भारत गौरव ट्रेन रवाना होगी जिससे श्रद्धालु 10 रात 11 दिन में सोमनाथ, भीमाशंकर, त्र्यंबकेश्वर, घृष्णेश्वर के साथ द्वारकाधीश के दर पर भी हाजिरी लगाएंगे। इस ट्रेन का लाभ उज्जैन, जबलपुर, सतना वालो को मिल सकेगी। जिसका किराया 20,250 रु से शुरू होगा।