इंदौर (मध्य स्वर्णिम): आज से आगामी 13 जून तक वैश्विक कृषि संवाद का केंद्र इंदौर बनेगा। यहां ब्रिक्स (BRICS) देशों और सहयोगी देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ खेती-किसानी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि, जलवायु परिवर्तन, कृषि नवाचार और छोटे किसानों के सशक्तिकरण जैसे विषयों पर केंद्रित होगी। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। दुनिया के अधिकांश छोटे और सीमांत किसान भी इन्हीं देशों में रहते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य फोकस छोटे किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने और बाजार से उनकी बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर रहेगा । कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा होगी। 12 जून को महिलाओं और युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में खाद्य सुरक्षा और पोषण, कृषि व्यापार एवं सहयोग, जलवायु अनुकूल कृषि तथा अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी ।




