नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 में संशोधन करने जा रही है। पीएम मोदी के आश्वासन के बाद सोमवार को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में नया बिल पेश कर सकते हैं। इसमें सजा और जुर्माने के प्रावधानों को और सख्त किया गया है। बिल में दो नई धाराएं 12ए और 12बी जोड़ी गई हैं। इसके तहत केंद्र सरकार एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करेगी। केंद्रीय जांच एजेंसी या एसआईटी को केंद्र सरकार द्वारा मामला सौंपे जाने के 2 महीने के अंदर जांच पूरी करनी होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए रोज सुनवाई होगी। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट नामित करेंगे। चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा करना जरुरी होगा। रिपोर्ट के मुताबिक बिल में अपील के लिए भी समय सीमा तय की गई है। स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की जा सकेगी। ऐसी अपील पर दो जजों की बेंच सुनवाई करेगी और इसे 3 महीने के भीतर निपटाने का प्रयास किया जाएगा। अपील फैसले के 30 दिनों के अंदर करनी होगी, जिसे विशेष परिस्थितियों में 90 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है।




