नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान पर मिसाइलें दागी हैं। वहीं ईरान में राष्ट्रपति पेजेश्कियन के इस्तीफे को लेकर विवाद हो रहा है। ईरान के सरकारी चैनल पर जारी बयान में इस्तीफे का खंडन किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान में हुए बवाल में कई लोग घायल हुए हैं। आक्रोशित जनता सड़कों पर उतर आई है। नई दिल्ली में इस्राइल के राजदूत रियूवेन अजार ने इस्राइल – लेबनान तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 2 मार्च को हिजबुल्लाह ने बिना किसी उकसावे के फिर इस्राइल पर हमला किया। अजार के मुताबिक युद्धविराम लागू होने के बाद भी हिजबुल्लाह की ओर से 1000 से ज्यादा रॉकेट दागे गए, जिनमें 12 से अधिक इस्राइली नागरिकों और सैनिकों की मौत हुई है। रियूवेन अजार ने कहा कि हिजबुल्लाह से ड्रोन और यूएवी का बड़ा खतरा बना हुआ है । इसी कारण इस्राइल रणनीतिक इस्राइल रणनीतिक इलाकों पर नियंत्रण मजबूत कर रहा है ताकि इन खतरों को रोका जा सके। उन्होंने साफ कहा कि इस्राइल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखेगा। इस्राइली राजदूत ने कहा कि उनका लेबनान सरकार से कोई संघर्ष नहीं है, बल्कि लड़ाई उन कट्टरपंथी ताकतों से है जो इस्राइल को खत्म करने की बात करती हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल लेबनान सरकार के साथ शांति वार्ता भी कर रहा है ताकि स्थायी युद्धविराम स्थापित हो सके और लेबनान अपने भीतर हिजबुल्लाह के प्रभाव को नियंत्रित कर सके । अमेरिका ने आरोप लगाया है कि हिजबुल्ला, इस्राइल के साथ युद्धविराम की कोशिशों को कमजोर कर रहा है। अमेरिका का कहना है कि यह समूह हमले रोकने से इनकार कर रहा है।
ईरान पर अमेरिका ने किए हवाई हमले:
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के रडार और ड्रोन कमांड ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई तेहरान द्वारा अमेरिकी रूक्त-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हमले ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में किए गए। हमलों में ईरान के ड्रोन नियंत्रण और रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने ईरान के शहरों गोरुक और केशम में हमले किए हैं। ये हमले ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों पर किए गए।




