शहडोल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के हिरवाह गांव में रविवार को एक महिला और उसकी तीन मासूम बेटियों की कीटनाशक सेवन के बाद मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मृतकों की पहचान अनिता सिंह (32), रितिका (7), कृष्णकुमारी ( 4 ) और अर्पिता (2) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में मां और तीनों बेटियां ही मौजूद थीं। अनिता का पति, जो पेशे से ड्राइवर है, रोजगार के सिलसिले में बाहर गया हुआ था । रविवार सुबह महिला ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक खिला दिया, फिर खुद भी निगल लिया। इससे चारों की तबीयत बिगड़ गई । बड़ी बेटी ने घर से बाहर आकर पड़ोसियों को पुकारा और सारी बात बताई । पड़ोसी चारों को लेकर ब्यौहारी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने महिला और छोटी दो बेटियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि बड़ी बेटी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया । पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। महिला के पति को फोन कर जानकारी दी गई । पपौंध थाना प्रभारी बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि बड़ी बेटी रितिका ने प्रारंभिक जानकारी में बताया था कि उसकी मां ने खांसी की दवा बताकर कोई पदार्थ दिया था। इसके बाद घर में रखे दस्तावेज, कपड़े, फोटो और अनाज में भी आग लगा दी गई थी । कीटनाशक की कम मात्रा गले से नीचे जाने पर रितिका बेहोश नहीं हुई थी । वह घर से बाहर आई और शोर मचाया।
पुलिस मामले की जांच में जुटी:
थाना प्रभारी ने बताया कि रितिका इस बात की जानकारी नहीं दे पाई कि मां ने ये कदम क्यों उठाया? पुलिस के अनुसार घर के आर्थिक हालत बहुत अच्छे नहीं हैं। अनीता का पति करीब दो महीने पहले परिवार से मिलने आया था। उन्होंने बताया कि मौके से एक एल्यूमिनियम फॉस्फाइड का पैकेट भी बरामद हुआ है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। हालांकि पुलिस इन तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, यह परिवार मूल रूप से तिखवा गांव का रहने वाला है, लेकिन हिरवाह गांव में अपनी सात एकड़ जमीन पर बने प्रधानमंत्री आवास में अनीता बच्चों के साथ रह रही थी। अनिता अपने बच्चों के साथ सास-ससुर से अलग रहती थी।




