नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बंदरगाह शहर फुजैरा पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। एक प्रमुख तेल उद्योग क्षेत्र में हुए इन हमलों में तीन भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं । इस ताजा भू-राजनीतिक तनाव ने न केवल खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंताएं भी बढ़ा दी हैं । हमले की निंदा करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है | पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा, संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं । नागरिकों और बुनियादी ढांचे । को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। भारत संयुक्त अरब अमीरात के साथ पूरी तरह एकजुट है और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद और ऊर्जा संकट:
यह हमला ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम भारी दबाव में है। अमेरिका जहां इस मार्ग पर ईरान की नाकेबंदी को तोडऩे की कोशिश कर रहा है, वहीं ईरान अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी सेना के प्रतिबंधों का कड़ा विरोध कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए एक जीवन रेखा है, क्योंकि दुनिया का लगभग पांचवां (20त्न) तेल और गैस इसी मार्ग से गुजरता है। खाड़ी के इस संकरे जलमार्ग में संघर्ष के कारण शिपिंग बुरी तरह बाधित हुई है, जिससे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है और कई देशों में ऊर्जा की कमी पैदा हो गई है।




