भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के लिए 38 हजार 555 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। कैबिनेट ने ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ और जिला स्तर पर समितियां बनाने को मंजूरी दी है, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का जल्द समाधान हो सके और उनके विकास को बढ़ावा मिले । इस बोर्ड की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे | इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार ने दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन को अगले 5 साल तक जारी रखने के लिए 2442 करोड़ 4 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इस योजना को लागू करने के लिए किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को जरूरी नियम और दिशा-निर्देश तय करने का अधिकार दिया गया है। यह मिशन देशभर में दलहन उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर 2025 को शुरू किया गया था। इसका मकसद किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराना, दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाना और उत्पादन में वृद्धि करना है । इस योजना के तहत किसानों को उन्नत और जलवायु के अनुकूल बीज दिए जाएंगे। बीज उत्पादन, वितरण, प्रशिक्षण और खेतों में प्रदर्शन (डेमो) जैसे काम किए जाएंगे। फसल कटाई के बाद भंडारण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और पैकेजिंग की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और नुकसान कम होगा। इस योजना से प्रदेश में दलहन की खेती बढ़ेगी, उत्पादन में इजाफा होगा और किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद है । लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण, मरम्मत और शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए कुल 32 हजार 405 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें सड़कों और पुलों के रखरखाव के लिए 6 हजार 150 करोड़ रुपये, एफ टाइप और उससे नीचे श्रेणी के सरकारी आवासों के रखरखाव के लिए 1 हजार 345 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं ग्रामीण सड़कों और अन्य जिला मार्गों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रुपये तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए 610 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है । ये सभी कार्य 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालित किए जाएंगे ।
व्यापारी कल्याण बोर्ड का होगा गठन:
मोहन कैबिनेट ने राज्य के व्यापारिक समुदाय के हितों के संरक्षण, उनके सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ और जिला स्तरीय समितियों के गठन की मंजूरी दी है। राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे । औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सदस्य होंगे। प्रशासनिक समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खनिज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनएचएआई और एफएसएसएआई जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के प्रमुखों को भी बोर्ड का आधिकारिक सदस्य बनाया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान और आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बोर्ड में देश के प्रतिष्ठित व्यापारिक संगठनों जैसे सीआईआई, फिक्की, डिक्की, फिओ और लघु उद्योग भारती के राज्य प्रमुखों को पदेन सदस्य के रूप में जोड़ा गया है।




