पांच राज्यों के चुनाव परिणामों की चर्चा विदेश मे

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): भारत के हालिया राज्य चुनावों, विशेषकर पश्चिम बंगाल के नतीजों को अमेरिकी मीडिया बहुत प्रमुखता से कवर किया है। अमेरिकी मीडिया ने इसे भारतीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा है। अमेरिकी मीडिया ने इन चुनावों को प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की बढ़ती ताकत और भारत में क्षेत्रीय विपक्षी ताकतों के सिकुड़ते प्रभाव के रूप में रिपोर्ट किया है। इस अमेरिकी अखबार ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की सफलता को ऐतिहासिक करार दिया । अपनी रिपोर्ट में अखबार ने लिखा कि पीएम मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नया रूप देने के अपने दशकों लंबे अभियान में एक नया मुकाम हासिल किया है, क्योंकि इससे पहले वह इस राज्य में सत्ता के करीब कभी नहीं पहुंची थी । अखबार ने इसे ममता बनर्जी के 15 साल के शासन के अंत और टीएमसी के पतन के रूप में प्रमुखता से छापा । हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने विवादों का भी जिक्र किया, जिसमें चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची से लाखों नामों (जिनमें कई मुस्लिम थे) को हटाए जाने की बात शामिल है | इसके अलावा, तमिलनाडु को लेकर अखबार ने कहा कि राजनीति में नए आए अभिनेता जोसेफ विजय की जीत इन चुनावों के सबसे बड़े आश्चयों में से एक थी।वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति को उनके तीसरे कार्यकाल के बीच में काफी मजबूती देने वाले होंगे । रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 के आम चुनाव में सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों पर निर्भर रहने के बाद, अब यह जीत मोदी को 2029 में रिकॉर्ड चौथे कार्यकाल के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। अखबार ने दक्षिण भारत, खासकर केरल के चुनाव पर भी ध्यान केंद्रित किया । उसने लिखा कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट सरकार को हरा दिया, जिससे देश में वामपंथियों के आखिरी मजबूत गढ़ों में से एक का अंत हो गया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एफी) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सत्तारूढ़ हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी ने विपक्ष के गढ़ पश्चिम बंगाल पर सफलतापूर्वक जीत हासिल की। एजेंसी के मुताबिक, इस चुनाव नतीजे से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने वाली ममता बनर्जी की ताकत और प्रभाव में कमी आएगी।