मुख्यमंत्री ने रखा ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प

0

भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया । संकल्प में देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई।विधानसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान विधायक व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह केवल एक विषय नहीं, बल्कि देश की दिशा तय करने वाला मुद्दा है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति पुरुषों के बराबर अधिकारों की हकदार है और सदन को रानी लक्ष्मीबाई व अहिल्याबाई होलकर के सुशासन से प्रेरणा लेनी चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है और भारत भी उन देशों में शामिल हो सकता है, जहां 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है । खंडेलवाल ने जोर देते हुए कहा कि जब तक आधी आबादी को पूरा न्याय नहीं मिलेगा, तब तक महिला विकास की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती । अमेरिका में सात लाख की आबादी पर एक सांसद है, पाकिस्तान में पांच लाख की आबादी पर और ब्रिटेन में 70 हजार की आबादी पर एक सांसद है। हमारे यहां 30 लाख से अधिक लोगों पर एक सांसद है । वर्तमान की 543 सीट 1971 की 54 करोड़ जनसंख्या पर थी । आज हमारे देश की जनसंख्या 124 करोड़ के पार है | सीट बढ़ने से संसद पर दबाव भी काम होगा । नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल द्वारा महिलाओं को तत्काल प्रभाव से वर्तमान सीटों पर 33% आरक्षण देने के लिए लाए गए अशासकीय संकल्प को सरकार द्वारा स्वीकार न करना यह स्पष्ट करता है कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक दिखावा है। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते रहेंगे। सिंघार ने कहा कि भाजपा के प्रस्ताव में साफ है कि आरक्षण 2028-29 के बाद, परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि यह महिलाओं को तत्काल लाभ देने की मंशा नहीं दिखाता । उन्होंने बताया कि विपक्ष की मांग है कि वर्तमान सीटों के आधार पर ही विधानसभा और लोकसभा में तुरंत महिला आरक्षण लागू किया जाए।

महिला आरक्षण विरोधी कांग्रेस:
सदन में मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की तस्वीर सामने दिखाई देने वाली थी। इस देश में समय- समय पर समाज सुधारकों ने नारियों के हित में और नारियों को मुख्य धारा में लाने का काम किया है। इसी व्यवस्था को आगे बढऩे का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। महिलाओं को राजनैतिक अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं के हित मे कई योजना बनाई गई हैं। देश की महिलाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी पर विश्वास किया है। लेकिन कांग्रेस की सोच अच्छी नहीं है। कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाओं को आरक्षण मिले।केंद्र सरकार ने 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया, तो उम्मीद थी कि महिलाओं को उनका हक मिलेगा, लेकिन कांग्रेस ने अपना असली चेहरा और चरित्र दिखाया। यह कभी नहीं चाहते कि इस देश में महिलाओं को आरक्षण मिले और महिलाएं आगे बढ़ें, क्योंकि इनकी सोच और नीयत कभी महिलाओं के सम्मान की रही ही नहीं है। मैं ओबीसी समाज की महिला हूं। दलील दी गई कि इस वर्ग को आरक्षण नहीं मिलेगा। मैं दावे के साथ कहती हूं कि ओबीसी वर्ग को कभी भी कांग्रेस ने समर्थन नहीं दिया।