भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान तीखी बहस छिड़ गई । कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के महिलाएं 2000 वर्षों से पैरों की जूती बनी रही हैं वाले बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया |मंत्री कृष्णा गौर ने इस बयान को महिलाओं का अपमान बताते हुए बरैया से माफी की मांग की । विधानसभा अध्यक्ष ने भी उन्हें विषय पर रहने की हिदायत दी । मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि एक ओर महिला आरक्षण पर गंभीर चर्चा हो रही है, वहीं कांग्रेस महिलाओं को अपमानजनक तरीके से पेश कर रही है। विवाद बढ़ने पर बरैया ने सफाई दी कि उनका बयान महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाने के लिए था, न कि उनका अपमान करने के लिए कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने विधानसभा में भाजपा पर महिलाओं को आरक्षण देने की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज में महिला और पुरुष गाड़ी के दो पहिए हैं, लेकिन एक पहिया अब भी पिछड़ा हुआ है, जिस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। बरैया ने कहा कि महिलाएं सदियों से सामाजिक रूप से दबाई जाती रही हैं और इस मानसिकता को बदलना जरूरी है । बरैया ने आगे कहा कि महिला पिछले 2000 वर्षों से पैरों की जूती बनी आ रही हैं, कांग्रेस तो अभी 150 साल पुरानी है । इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बरैया को सीधे तौर पर घेरते हुए कहा कि आपकी बातों का संदर्भ स्पष्ट नहीं है, कभी देवदासी प्रथा, कभी हजारों साल पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हैं, आखिर आप कहना क्या चाहते हैं, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही है, इसलिए मुद्दे से भटकने के बजाय सार्थक और केंद्रित बहस होनी चाहिए । मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश में महिलाओं के अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष होता रहा है । राजा राममोहन राय, ज्योतिराव फुले और स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों ने इस दिशा में काम किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को नई दिशा देने का काम किया गया है।




