तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान ने अमेरिका से सीधे बातचीत करने से इनकार कर दिया है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने कहा कि ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिए ही अमेरिका तक पहुंचाएगा। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज इस्लामाबाद में PAK प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। वे शुक्रवार रात पाकिस्तान पहुंचे। अराघची ने पाकिस्तान को ईरान की शर्तें और अमेरिकी मांगों पर अपनी आपत्तियां भी सौंप दी हैं । बैठक में डिप्टी पीएम इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर भी मौजूद रहे। दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि अमेरिका किसी डील के लिए बेचैन नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की ओर से एक प्रस्ताव आया है, लेकिन वे अच्छे समझौते का इंतजार करेंगे और जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेंगे । व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान में ईरान के साथ सीधे शांति वार्ता करेगा।
पश्चिम एशिया संकट: ईरान में 57 दिनों से इंटरनेट ठप:
ईरान इस समय एक अभूतपूर्व डिजिटल आपातकाल से गुजर रहा है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह से बंद है। यह किसी भी देश में लगाया गया दुनिया का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट बन गया है। ठीक आठ हफ्ते पहले शुरू हुए इस प्रतिबंध ने न केवल ईरान के 9 करोड़ से अधिक नागरिकों को दुनिया से अलग-थलग कर दिया है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी भारी चोट पहुंचाई है।
पहले दौर की बातचीत फेल हुई थी:
पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी। 21 घंटे तक यह वार्ता चलने के बावजूद नाकाम हो गई थी। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी।




