भोपाल (मध्य स्वर्णिम): विश्व के सबसे बड़े राजनैतिक दल के सबसे ऊर्जावान संगठन में से एक युवा मोर्चा प्रदेश में, उम्रदराज पदाधिकारियों के बोझ तले दबा दिया गया है। सामान्य तौर पर युवा मोर्चा के ऑफिस बेयरर के लिए गाइड लाइन में स्पष्ट कहा गया है कि इनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।लेकिन, मध्यप्रदेश युवामोर्चा ने जो नई कार्यकारिणी घोषित की है उसमें कुछ तो 40 वर्ष से भी अधिक आयु के हैं और कुछ पर तो एक दो नहीं आठ आठ आपराधिक किस्म के मुकदमे दर्ज हैं। युवा नेतृत्व को विकसित करने की मूल भावना के साथ मोर्चा में अधिक से अधिक युवाओं को प्राथमिकता देने की लाइन से नई कार्यकारिणी भटकती नजर आ रही है। ऐसे में सवाल यह उठाया जाने लगा है कि उम्रदराज नेताओं को युवा मोर्चा में एडजस्ट करने की आखिर श्याम टेलर की मजबूरी क्या है ? अनुभव को प्राथमिकता देने की एवज में कहीं मान्य परंपरा को तो साइड लाइन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा इस लिस्ट में कुछ नाम ऐसे भी शामिल किए गए हैं, जिन पर गंभीर किस्म के अपराध पंजीबद्ध हैं। कार्यकारिणी में अनिल वर्मा (उज्जैन ग्रामीण) प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिनकी उम्र 40 वर्ष है। विवेक शर्मा (इंदौर) प्रदेश उपाध्यक्ष बने है, जिनकी उम्र 38 वर्ष है। दीपेश यादव (भोपाल) प्रदेश सह मीडिया प्रभारी हैं इनकी उम्र 39 वर्ष है। वहीं 38 साल के विनय जांगिड़ (मदसौर) प्रशिक्षण सह प्रभारी बनाया गया है। जय रोहाणी (जबलपुर) नीति एवं शोध प्रभारी के रूप में नामित किया गया है जिनकी उम्र 38 साल है। नमो ऐप प्रभारी आयुष कोठारी (नीमच) की उम्र भी 38 साल है। रेव सिंह भाबर (धार) जनजातीय संपर्क प्रभारी इनकी उम्र 40 वर्ष है। मतलब साफ है, नियुक्ति करते समय उम्र के पैमाने को दरकिनार किया गया।
उपाध्यक्ष पर आठ मामले दर्ज:
युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति में धार के जय सूर्या को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।सूर्या पर धार जिले के बदनावर थाने में ही आठ मामले दर्ज हैं।ये मामले गंभीर किस्म के हैं, जिनमें 307,325,323,147,436,294 भादवि की धाराओं में अपराध दर्ज हुए हैं। सूर्या की नियुक्ति का विरोध खुद पूर्व मंत्री दत्तीगांव कर रहे हैं।लिहाजा इतना तो साफ है कि संगठन गढऩे की जल्दबाजी में श्याम टेलर ने शुचिता और छवि के साथ साथ भाजपा के मूलमंत्र के साथ समझौता तो नहीं कर लिया? यह सवाल अब कार्यकर्ता पूछने लगे हैं।




