नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए नागरिकों से सजग और जिम्मेदार बने रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया पहले ही कोविड- 19 महामारी के कारण लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों से गुजर चुकी है और उम्मीद थी कि इसके बाद वैश्विक हालात सुधरेंगे, लेकिन इसके विपरीत कई क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति लगातार बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर पड़ोसी देशों में जारी भीषण संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका असर केवल उन देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीयों के परिवार और रिश्तेदार रहते हैं, विशेषकर खाड़ी देशों में कार्यरत लोग। उन्होंने खाड़ी देशों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वहां रह रहे एक करोड़ से अधिक भारतीयों की हर संभव मदद की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की भागीदारी से राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिलती है। उन्होंने माय भारत जैसे संगठनों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
देश को एकजुट कर सकारात्मक संदेश देने का अद्भुत प्रयास है मन की बात कार्यक्रम : डॉ. यादव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मन की बात कार्यक्रम के 132वें संस्करण का रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की और देश को एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में उपजे हालातों के संदर्भ में कहा कि हमें एकजुट होकर हर चुनौती से बाहर निकलना है जो भी लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।
ऊर्जा संकट पर भारत की तैयारी:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में संघर्ष चल रहा है, वे भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं के प्रमुख स्रोत हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल को लेकर वैश्विक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत ने पिछले एक दशक में अपने वैश्विक संबंधों को मजबूत किया है, जिससे वह इन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।
एकजुट रहने का संदेश:
पीएम ने इस समय को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी देशवासियों को एकजुट होकर देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह विषय राजनीति से ऊपर है और इससे 140 करोड़ नागरिकों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
फिटनेस और स्वास्थ्य पर जोर:
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपनी जीवनशैली में सुधार लाने की अपील करते हुए कहा कि योग और नियमित व्यायाम को अपनाना जरूरी है। उन्होंने शुगर और खाने के तेल के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी, ताकि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके। अंत में उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और सीखने की इच्छा ही सफलता की कुंजी है। ओं, और पर दिया ष जोर




