दतिया/भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सभी क्षेत्रों में निरन्तर आगे बढ़ रहा है। दुनिया का कोई ऐसा देश नहीं, जहां संकट आया और प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल से भारतीय नागरिकों की घर वापसी सुनिश्चित न की गई हो। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दतिया जिले में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बलराम को नमन करते हुए कहा कि किसान ही हमारे देश के भाग्य विधाता हैं। वे सूरज की तपती गर्मी में अपने परिश्रम से सभी के लिए अन्न उगाते हैं। कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए संकल्पित है। प्रदेश के किसान आधुनिक कृषि यंत्रों से खेती करें, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि आधारित उद्योग शुरू कर खाद्य प्र-संस्करण से अपनी आय दोगुनी करें। इसके लिए अनेक योजनाओं की सौगात दी जा रही है। अब हमारे किसान नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनों से भूसा भी बना रहे हैं, जिससे उन्हें गेहूं और भूसा, दोनों से कमाई का सुनहरा मौका मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बहुत जल्द देश का नंबर-1 राज्य बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन में दतिया को 62.23 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 62.23 करोड़ लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इसमें भव्य सांदीपनि विद्यालय, दैवीय स्थल रतनगढ़ में यात्री निवास, स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में हितग्राहियों को कृषि यंत्र, पशुपालन, खाद्य प्र-संस्करण के लिए हितलाभ भी वितरित किए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपना संपूर्ण जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित कर दिया। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय बच्चों के सुनहरे भविष्य के मंदिर की तरह हैं।
प्रदेश को जन्मदिन का रिटर्न-गिफ्ट मिलेगा:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्म-दिन पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को रिलीज करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिये सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो मध्यप्रदेश के 3 जिलों सागर, दमोह और नरसिंहपुर के 72 ग्रामों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर का आकार लिये हुए है। मध्यप्रदेश का यह 7वाँ और भारत का 54वाँ टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 टाइगर मौजूद हैं। इस अभयारण्य को मुख्य रूप से भेडिय़ों की भूमि माना जाता है। यहाँ पर सर्वाधिक भेडिय़े पाये जाते हैं।




