भोपाल: वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्संतुलन के इस दौर में भारत की विकास यात्रा अब केवल राष्ट्रीय नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्यों की क्षमता, नेतृत्व की स्पष्टता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता उसकी गति निर्धारित कर रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश ने स्वयं को एक संसाधन आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर एक रणनीतिक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश को केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्पादन, रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़े व्यापक परिवर्तन के रूप में देखा है। उनके स्पष्ट मार्गदर्शन में नीति सुधार, प्रशासनिक सरलीकरण, औद्योगिक आधार विस्तार और निवेश प्रस्तावों को धरातल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एकीकृत ढंग से आगे बढ़ाया गया है। यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि नीति की स्पष्टता, नवाचार की स्वीकृति और निवेश के प्रति सक्रिय प्रतिबद्धता के समन्वय से मध्यप्रदेश आर्थिक समृद्धि के ऐसे नए कीर्तिमान रच रहा है जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगों के लिए भरोसे का वातावरण निर्मित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उद्योग संवर्धन नीति 2025 सहित विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों के माध्यम से निवेशकों को स्पष्ट प्रोत्साहन ढांचा उपलब्ध कराया गया है। श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे गारमेंट, फुटवियर और खिलौना निर्माण में बड़े निवेश को मेगा उद्योग का दर्जा देकर अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किए जा रहे हैं।




