कूनो में फिर गूंजी खुशियों की किलकारी

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): कूनो में नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है। ज्वाला तीसरी बार मां बनी है और उसके इन नए शावकों के साथ कूनो में चीता परिवार और भी बड़ा हो गया है। पांच शावकों के जन्म के बाद भारत में जन्मे स्वस्थ चीतों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। यह भारत की धरती पर चीतों का दसवां सफल जन्म समूह है, जिसे प्रोजेक्ट चीता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस खुशखबरी की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसे प्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या प्रोजेक्ट चीता की सफलता और भारत की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक है। नए शावकों के जन्म के साथ अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है। वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। वन विभाग को उम्मीद है कि ज्वाला और उसके शावक स्वस्थ रहेंगे और आने वाले समय में भारत में चीतों की संख्या और तेजी से बढ़ेगी। कूनो नेशनल पार्क अब देश में चीता संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जताई है। डॉ. यादव ने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और प्रसन्नता देने वाला समाचार मिला है। वन्य जीव संरक्षण के लिए निश्चित ही यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। भारत में चीतों की बेहतर देखरेख और उनके पुनर्वास के प्रयासों की सफलता के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान और वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।