किसानों को कृषि केबिनेट में देंगे होली की सौगात: मुख्यमंत्री

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं। हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के 17 अलग-अलग विभागों पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, कृषि, उद्योग को साथ लेकर किसानों की समृद्धि के लिए बगीचे से लेकर बाजार तक विस्तृत योजना तैयार की गई है। राज्य में पहली बार कृषि केबिनेट जनजातीय अंचल बड़वानी में 2 मार्च को आयोजित की जा रही है। इसमें हम किसानों को होली की सौगात देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित इस वर्ष में हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाले सभी कायों और नवाचारों को प्रोत्साहन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री से सौजन्य भेंट के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह से भेंटकर उन्हें अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा विश्व के श्रेष्ठ शासकों में सर्वोच्च स्थान रखने वाले सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित कई आयोजन किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 40 साल पहले भीषण गैस त्रासदी हुई थी। जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। राज्य सरकार ने बीते साल यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन कराया है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की खाली पड़ी जमीन पर एक भव्य स्मारक बनाये जाने के लिये केन्द्रीय गृह मंत्री शाह से मार्गदर्शन प्राप्त किया है। यहां 87 एकड़ भूमि पर भोपाल गैस त्रासदी स्मारक, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समर्पित आधुनिक प्रयोगशाला, विकास आधारित राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नक्सलवादी अभियान से मुक्त हो गया है। लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है, यह हमारे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रदेश में हर तरह की नक्सल गतिविधियों पर नकेल कसी है। बालाघाट ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यहां बैगा महोत्सव आयोजित किया जाए, इस दिशा में गृह मंत्री शाह से मार्गदर्शन लिया गया है।

कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर बनाया जायेगा लाभकारी व्यवसाय : सीएम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने पिछले दशक में कृषि क्षेत्र में 16 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक विकास दर हासिल कर स्वयं को देश के कृषि पॉवर-हाउस के रूप में स्थापित किया है। फसल उत्पादन, उत्पादकता, दुग्ध और मत्स्य पालन में हुई। इस अभूतपूर्व प्रगति के बाद अब राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि को पारंपरिक उत्पादन से आगे बढ़ाकर एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में परिवर्तित करना है। इस संकल्प के केंद्र में कृषि के उत्पादन और उत्पादकता को तकनीक के माध्यम से बढ़ाते हुए, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग से जोडऩा है। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश के लिए वर्ष-2026 कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि और किसानों पर केन्द्रित पूरे वर्ष संचालित होने वाली गतिविधियों से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सरकार कृषि अनुसंधान और मौसम आधारित जोखिम प्रबंधन को एक नई दिशा देने जा रही है। इस संकल्प के अंतर्गत राज्य की विशिष्ट फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की जा रही है, इसी क्रम में डिंडौरी में स्थापित होने जा रहे मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र के माध्यम से मिलेट्स के उत्पादन एवं पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।