भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। इससे पहले सदन में वंदेमारत के सभी छह छंदों के गायन के साथ शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन सदन में हंगामे के बीच राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने सरकार की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने समृद्ध, समावेशी और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने का दृष्टिपत्र तैयार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी दिशा में नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, कृषि उन्नति और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निवेश आकर्षित करने के लिए नई नीतियां लागू की गई हैं। हाल ही में आयोजित निवेश सम्मेलनों से प्रदेश में बड़े निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। सत्र के पहले दिन विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई और नारेबाजी की। हालांकि, राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पूरा किया और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। अभिभाषण में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र का भी विशेष उल्लेख किया गया। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में कई योजनाएं शुरू की हैं। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 23 लाख से अधिक एमएसएमई इकाईयां स्थापित हैं, जिनमें 1 करोड़ 25 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
किसानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध:
राज्यपाल ने कहा कि सरकार वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर मना रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। फसल विविधीकरण, सिंचाई विस्तार और समर्थन मूल्य व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नेशनल मिशन ऑफ नेचरल फॉर्मिग को प्रभावी तरीके से लागू किया है। राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने विरासत के साथ विकास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया है। हमारा अन्नदाता समृद्ध होगा, हमारी मातृशक्ति स्वावलंबी बनेगी और प्रदेश का युवा मात्र जॉब सीकर तक सीमित न रहकर वैश्विक स्तर का जॉब क्रिएटर बनकर उभरेगा।




