इंदौर (मध्य स्वर्णिम): धार भोजशाला मंदिर व कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रही सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के कारण टाल दी गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। 22 जनवरी को भोजशाला को लेकर आए आदेश के आधार पर मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस से जजों ने मत मांगा है कि इसकी सुनवाई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश करेंगे या वरिष्ठतम न्यायधीश करेंगे। कोर्ट में सोमवार को सुनवाई तय थी और दोनों पक्ष के याचिकाकर्ता व इंटरविनर भी मौजूद थे, लेकिन वकीलों का कोरम पूरा नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि एएसआई द्वारा सीलबंद लिफाफे में जमा की गई वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट को खोला जाए। इसके बाद यह मामला सोमवार को पहली बार हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए लगा था। कोर्ट के निर्देश पर भोजशाला परिसर का तीन माह तक सर्वे हुआ था और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अपनी लिफाफा बंद रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर चुका है। हिंदू पक्ष भोजशाला को माता वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे 11वीं सदी की कमाल मौला मस्जिद बताता है।




