ट्रेड, टेक्नोलॉजी को टूल बनाने पर पीएम की चिंता

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रर अर्थ मिनरल्स को हथियार बनाया जा रहा है। भारत इस समझौते को पीएम मोदी ने साझा समृद्धि का एक नया खाका और दुनिया में स्थिरता लाने वाला कदम बताया है। इस बीच, पीएम मोदी और यूरोपीय नेताओं ने टैरिफ और तकनीकी को हथियार बनाने के लिए अपरोक्ष रूप से अमेरिका पर निशाना भी साधा । नई दिल्ली में हुए इस समझौते के दौरान वैश्विक व्यापार में जारी तनाव और दबाव की चर्चा भी प्रमुखता से हुई। यूरोपीय नेताओं ने माना कि आज के दौर में व्यापार को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बचने के लिए भारत और ईयू का साथ आना जरूरी है समझौते के बाद यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने वैश्विक हालात पर चिंता जताई । पीएम मोदी ने कहा, यह केवल एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समय में जब वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है, भारत-ईयू सहयोग दुनिया को स्थिरता प्रदान करेगा प्रेस वार्ता के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन ने वैश्विक व्यापार में बढ़ रहे तनाव की और इशारा किया । उन्होंने कहा, भारत और यूरोप की साझेदारी उस समय रणनीतिक निर्भरता को कम करेगी, जब वैश्विक व्यापार को तेजी से ‘हथियार’ बनाया जा रहा है।

इतिहास का सबसे बड़ा एफटीए:
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता किया है। वहीं, एंटोनियो कोस्टा ने इसे दो अरब लोगों के बाजार के लिए अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता करार दिया।इस समझौते के जरिए भारत और ईयू ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि वे एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस एफटीए से समुद्री क्षेत्र और साइबर सुरक्षा में आपसी सहयोग बढ़ेगा।