सिंहस्थ में 7 रेलवे स्टेशन से सीधे एंट्री, मप्र के 14 स्टेशनों का होगा विकास

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इंदौर (मध्य स्वर्णिम): भप्र के उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। उज्जैन और उसके आसपास के 7 रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। कई स्टेशन तो पूरी तरह से नए स्वरूप में आने वाले हैं । सिंहस्थ के दौरान हर दिन लाखों भक्त उज्जैन आएंगे । रेलवे के अधिकारी मेला अधिकारी आशीष सिंह से हर महीने बैठक कर उन्हें रिपोर्ट सौंप रहे हैं । पूरे कार्य की उच्च स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। रेलवे की मुख्य योजना यह है कि दुनियाभर से रोज उज्जैन आने वाले लाखों भक्तों को 7 रेलवे स्टेशनों पर डाइवर्ट किया जाएगा। कई प्रमुख ट्रेनों को उज्जैन स्टेशन पर न रोकते हुए आसपास के स्टेशनों पर रोका जाएगा। इन सभी स्टेशनों से भक्तों को सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंच मार्ग मिलेगा। इन्हें उज्जैन मुख्य स्टेशन की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। उज्जैन के पास पिंगलेश्वर में कई प्रमुख ट्रेनों को रोका जाएगा। यहां पर दो प्लेटफार्म बनेंगे। लाखों यात्रियों को उतारने के हिसाब से यहाँ पर व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। इसके साथ नागदा स्टेशन पर 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज बनेगा और उज्जैन स्टेशन पर 6 और 12 मीटर के फुट ओवर ब्रिज बनेंगे। इन सभी के लिए टेंडर शुरू हो गए हैं।

इन सुविधाओं पर भी ध्यान:
यात्रियों के लिए शुद्ध जल, रुकने के लिए कमरे, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, होल्डिंग एरिया, संकेतक, कनेक्टिविटी चार्ट, हेल्प डेस्क आदि पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन सभी कामों के लिए कई एजेंसी रखी जा रही हैं ताकि सभी काम पूरी तरह प्रोफेशनल रूप से किए जा सकें। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि हम हर महीने कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट बना रहे हैं।