सतना (मध्य स्वर्णिम): मप्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का एक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले में शासकीय विद्यालयों की मरम्मत के नाम पर बिना एक ईंट जोड़े और बिना एक दीवार रंगे ही शासन को करीब 28 लाख 98 हजार 293 रुपये का चूना लगाने की साजिश रची गई। मामले में शिक्षा विभाग की शिकायत पर पुलिस ने संविदाकार के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। जिले के शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों में भवन मरम्मत, रंगाई-पुताई एवं अन्य सुधार कार्यों के लिए टेंडर जारी किया गया था। इस टेंडर के तहत सत्यव्रत कंस्ट्रक्शन नामक फर्म को जिले के छह शासकीय विद्यालयों में मरम्मत कार्य का जिम्मा सौंपा गया। आरोप है कि संविदाकार सत्यव्रत तिवारी ने किसी भी विद्यालय में वास्तविक रूप से कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया लेकिन कागजों में सभी काम पूरे दिखा दिए । इसके बाद करीब 5-5 लाख रुपये प्रति विद्यालय के हिसाब से फर्जी बिल तैयार कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।




