शीतलहर ने जमाया मध्यप्रदेश

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मध्यप्रदेश में ठंड ने इस बार बेहद सख्त तेवर अपना लिए हैं। शीतलहर और घने कोहरे के चलते प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल भी भीषण ठंड की चपेट में रही और यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सर्दी का असर कम नहीं रहा। रीवा में पारा 4 डिग्री, खजुराहो में 4.4 डिग्री, उमरिया में 4.6 डिग्री और मंडला में 4.9 डिग्री तक गिर गया। ठंडी हवाओं और कोहरे ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल इस बार सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 7.3 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में 7.8 डिग्री तथा इंदौर में 8.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कोहरे ने घटाई रफ्तार, 50 मीटर से भी कम विजिबिलिटीघने कोहरे का सबसे ज्यादा असर दतिया में देखने को मिला, जहां दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। इसके अलावा ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, खजुराहो, भोपाल, रायसेन, नौगांव, रीवा, गुना, नर्मदापुरम, मंडला, सतना, उज्जैन, श्योपुर, रतलाम, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर और सीधी जैसे जिलों में भी कोहरे की मोटी परत छाई रही। स्कूलों पर पड़ा असर: तेज ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने 24 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, जबकि 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। हालांकि 24 जिलों में अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे वहां के बच्चों को कड़ाके की ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं।