रफ्तार पकडऩे से पहले ही हांफने लगी भोपाल मेट्रो

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): राजधानी में मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुए 6 दिन हो चुके हैं, लेकिन टिकट व्यवस्था अब भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। मेट्रो सफर को लेकर लोगों में उत्साह तो है, लेकिन मैन्युअल टिकटिंग सिस्टम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। खासकर ग्रुप में मेट्रो देखने और सफर करने पहुंचने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल मेट्रो प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल ग्रुप टिकट की कोई व्यवस्था नहीं है और टिकट काउंटर पर मैन्युअल तरीके से ही टिकट दिए जा रहे हैं। ऐसे में 15 से 20 से ज्यादा लोगों का एक साथ स्टेशन पहुंचना अव्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकता है। मेट्रो अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर से कम से कम 10-15 मिनट पहले स्टेशन पहुंचें। वहीं अगर कोई ग्रुप 15-20 से ज्यादा यात्रियों के साथ एक ही ट्रेन में सफर करना चाहता है, तो उन्हें ट्रेन छूटने से कम से कम 20 मिनट पहले टिकट काउंटर पर पहुंचना जरूरी होगा, ताकि टिकट समय पर मिल सकें। गुरुवार को ही एम्स मेट्रो स्टेशन पर टिकट को लेकर हंगामे जैसी स्थिति बन गई थी। दरअसल, जैन समाज का करीब 80 लोगों का ग्रुप मेट्रो का सफर करने पहुंचा था। जब उन्होंने एक साथ 80 टिकट मांगे तो काउंटर कर्मचारियों ने इतनी संख्या में टिकट देने से मना कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि 30 मिनट के भीतर 80 टिकट देना संभव नहीं है, क्योंकि टिकट काउंटर सीमित समय के लिए ही खुलता है। अन्य यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब टिकट काउंटर ही आधे घंटे पहले खुलता है, तो क्या शाम 4 बजे की ट्रेन पकड़ने के लिए सुबह 10 बजे स्टेशन आना होगा? ग्रुप में कई महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे, जो पहली बार मेट्रो का अनुभव लेने पहुंचे थे।

सिस्टम फेल,डिजिटल टिकटिंग का अभाव:

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे बड़ी उम्मीद के साथ मेट्रो स्टेशन पहुंचे थे। उनका उद्देश्य एक साथ मेट्रो में सफर कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था, लेकिन टिकट सिस्टम की खामी के चलते पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। अब भी अधूरी है व्यवस्था भोपाल मेट्रो के संचालन को शुरू हुए लगभग एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन डिजिटल टिकटिंग और ग्रुप मैनेजमेंट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव सामने आ रहा है। यात्रियों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में भीड़ और नाराजगी दोनों बढ़ सकती हैं।