भोपाल (मध्य स्वर्णिम): भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश संगठन कुछ नए-नवेले और उत्साही मंत्रियों की वजह से असहज हो जाता है। ऐसे मंत्री अपना काम छोड़कर कहीं रेत खदान में पहुँच जाते हैं तो कहीं गाड़ी खड़ी कर सड़क से मवेशी हांकने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला आया भाई के गांजा तस्करी में फंसने के बाद राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी पहले से ही विपक्ष के निशाने पर हैं। दो दिन पहले उन्होंने सतना जिले में एक नवनिर्मित सड़क की खामी दिखाते हुए वीडियो बनाया था। इस वीडियो को बनाकर मंत्री प्रतिमा बागरी चर्चा में तो आ गई लेकिन मोहन सरकार घिर गई। विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया तो सीएम मोहन यादव ने प्रतिमा बागरी को तलब कर लिया। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने उन्हें समझाइश भी दी है। राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने सतना जिले के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अपने पैर से ठोकर मारकर नई सड़क को उखाड़ दी। साथ ही मौजूद अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ठेका रद्द करने के भी आदेश दिया। एक वीडियो में उन्होंने कहा कि यह मोहन यादव की सरकार है। ऐसे काम नहीं होंगे। दरअसल, यह सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अपने निरीक्षण में पहले ही पाया था कि यह सड़क अमानक है। 15 दिसंबर को पीडब्ल्यूडी के मझगवां एसडीओ ने निरीक्षण के बाद सड़क को अमानक घोषित कर दिया था। साथ ही संबंधित ठेकेदार को तय मानकों के आधार पर दोबारा कार्य कराने के निर्देश दिए। 19 दिसंबर को कार्यपालन यंत्री ने काम को रद्द भी कर दिया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग ने खराब सड़क को लेकर जब कार्रवाई कर दी थी तो मंत्री प्रतिमा बागरी फिर से वहां निरीक्षण करने क्यों गईं। निरीक्षण किया तो वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर क्यों अपलोड किया। मंत्री की मंशा क्या थी, ये तो वही जानें। इस वीडियो को लेकर विपक्ष के निशाने पर जरूर मोहन सरकार आ गई। भ्रष्टाचार और घटिया सड़क को लेकर कांग्रेस ने घेर लिया है। सीएम मोहन यादव ने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी को तलब कर लिया। उन्होंने राज्य मंत्री प्रतिमा व्बागरी से कहा कि आप जिस सड़क पर सवाल उठा रही हैं, उस पर विभाग तो पहले ही कार्रवाई कर चुका है। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने उनसे कहा कि आप मंत्री हैं तो ऐसा आचरण ठीक नहीं है। गौरतलब है कि प्रतिमा बागरी राज्य मंत्री हैं। उनके पास नगर विकास विभाग है। उनके भाई और बहनोई की करतूत की वजह से सरकार पहले से ही असहज थी।




