भोपाल (मध्य स्वर्णिम): केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा धार और बैतूल में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के भूमिपूजन को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मॉडल पर सवाल उठाते हुए कहा है किसरकार चरणबद्ध तरीके से जिला अस्पतालों और पंचायतों तक को निजी संस्थाओं के हवाले कर रही है। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहले ही करीब तीन हजार पंचायतें अप्रत्यक्ष रूप से ठेके पर चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी संस्थाएं निर्वाचित सरपंचों को सालाना रकम का लालच देकर पंचायतों का संचालन अपने हिसाब से कर रही हैं। पटवारी ने कहा कि अगर इस प्रक्रिया की गहराई से जांच की जाए, तो इसकी वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी। पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि सरकार ने दो निजी संस्थाओं को चार जिला अस्पताल सौंप दिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जैसे पर्ची से मुख्यमंत्री बने, वैसे ही ऊपर से आदेश आया और अस्पताल निजी हाथों में दे दिए गए। पटवारी का कहना था कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि इससे जनता को फायदा होगा, लेकिन असल में इलाज पर नियंत्रण निजी संस्थाओं का होगा और सरकारी ढांचे का इस्तेमाल केवल नाम के लिए रह जाएगा। जीतू पटवारी ने कहा कि नियम के अनुसार निजी मेडिकल कॉलेजों में कम से कम 100 बेड पर मुफ्त इलाज होना चाहिए, लेकिन प्रदेश में एक भी ऐसा कॉलेज नहीं है जहां यह व्यवस्था वास्तव में लागू हो।




