बिहार की बहार में मोहन पर बढ़ा एतबार, विधानसभा चुनाव परिणाम में सीएम डॉ. मोहन यादव का चला जादू

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के कई नायक रहे हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्माई नेतृत्व और बीजेपी संगठन का बूथ लेबल तक आक्रामक रणनीति की वजह से राजनीति की सबसे बड़ी सुनामी में विपक्ष बिहार में बह गया। इस चुनाव में भाजपा को दूसरी पीढ़ी के उम्मीदों के स्टार भी मिले हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीजेपी के स्टार प्रचारक के रूप में अपनी स्वीकार्यता पर मुहर लगवा दी है। डॉ. यादव ने बिहार के जिन 26 सीटों पर प्रचार किया था, उनमें से 21 पर एनडीए ने जीत दर्ज की है। इससे डॉ.मोहन यादव पार्टी के सबसे प्रभावशाली स्टार प्रचारकों में शुमार हो गए हैं। सीएम डॉ.यादव ने दोनों चरणों में आक्रामक चुनाव प्रचार किया। भाजपा ने बिहार में डॉ. मोहन यादव को चुनाव से पहले ही सक्रिय कर दिया था। उन्होंने राजनीतिक के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लिया।पार्टी ने डॉ. मोहन यादव को स्टार प्रचारक बनाया था। उन्होंने लगभग आधे बिहार में 28 सभाएं और रोड शो किए। इनमें से 21 सीटें भाजपा जीती। डॉ.मोहन यादव ने जिन क्षेत्रों में दौरा किया उनमें शामिल हैं कदमकुआं, बिक्रम, हिसुआ, बगहा, सिकटा, सहरसा, कटोरिया, बांका, नाथनगर, आलमनगर, दीघा घाट, फुलपरास, फतुहा, बांकीपुर, मनेर, मधेपुरा, बिफ्सी, वजीरगंज, बेलहर, पिपरा, बोधगया, ढाका, चिरैया, नरकटिया और मोतिहारी। इनमें से कई सीटों पर ओबीसी मतदाताओं की बड़ी संख्या मौजूद है। एक अहम फैक्टर क्योंकि बिहार में ओबीसी आबादी ऊँची जातियों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। जाहिर तौर पर भाजपा परिवार में डॉ. मोहन यादव की इस उपलब्धि से शीर्ष नेतृत्व का भरोसा और विश्वास भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह सहित अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं को बिहार भेजा था। इन्होंने सभा, रोड शो के साथ बूथ प्रबंधन किया। संगठन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को 19 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी थी। इनमें से 17 पर एनडीए ने जीत प्राप्त की। करीब एक महीने तक वे बिहार में ही रहे और बूथ प्रबंधन का काम भी देखा।हितानंद और डॉ. महेंद्र सिंह को तिरहुत और मिथिला क्षेत्र की 58 सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों टीम के साथ लगभग डेढ़ माह बिहार में रहे। उन्होंने बूथ प्रबंधन को लेकर काम किया, जिसका लाभ यह हुआ कि तिरहुत क्षेत्र की 28 में से 26 और मिथिला की 30 में से 24 सीटें एनडीए ने जीती हैं।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की देश के विकास और सुरक्षा के लिए लागू की गई नीतियों की सराहना की।

कांग्रेस ने राजद को डुबोया:
एनडीए की जीत पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया परिणाम उत्साहवर्धक हैं। देश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकासपरक राजनीति वर्ष 2014 से देखी है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद बिहार के परिणाम यह बता रहे हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए की लहर चल रही है। कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों की कुव्यवस्था से जनता का मन टूट चुका है। इस चुनाव में कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया है।