भोजशाला: सुप्रीम कोर्ट में 29 को सुनवाई, वैकल्पिक स्थान को लेकर मुस्लिम पक्ष और प्रशासन आमने-सामने

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नई दिल्ली/धार (मध्य स्वर्णिम): सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा धार स्थित विवादित भोजशाला परिसर के लिए चिन्हित वैकल्पिक नमाज स्थल की दूरी को लेकर मुस्लिम पक्ष की अंतरिम याचिका पर 29 जुलाई को सुनवाई करने पर सहमति जताई। मुस्लिम पक्ष ने अदालत से मांग की है कि उन्हें भोजशाला परिसर के निकट शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए। इधर, धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गरमा गया है। जुमे की नमाज के लिए जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक स्थान को लेकर मुस्लिम पक्ष और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। मुस्लिम समाज ने प्रशासन द्वारा सुझाई गई जगह पर कड़ी आपत्ति जताई है। गुरुवार देर रात प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया। काफी देर तक चली बैठक के बाद भी स्थान को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी। इधर सुप्रीम कोर्ट भी मामले को 29 जुलाई को सुनेगा। मुस्लिम पक्ष ने अदालत से मांग की है कि उन्हें भोजशाला परिसर के निकट शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए।

स्टेट लेवल कमेटी का गठन:
राज्य शासन द्वारा ओरछा हेरिटेज विज़न के अनुरूप परियोजनाओं की कॉनफॉर्मिटी सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से हेरिटेज इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लानके क्रियान्वयन, वर्तमान एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता स्टेट लेवल कमेटी का गठन किया है। उल्लेखनीय है कि ओरछा को वर्ष 2027-28 के वर्ल्ड हेरिटेज साइकिल के अंतर्गत यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किए जाने के लिए नोमिनेशन डोजियर का निर्माण कार्य प्रचलन में है। आईकॉमोस द्वारा फरवरी 2027 में प्रीलिमिनरी असेसमेंट के दौरान यह अनुशंसा की गई थी कि संबंधित धरोहर संपदा के मैनेजमेंट फ्रेमवर्क को इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान और संबंधित क्षेत्रीय योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन से सुदृढ़ किया जाए।