प्रदेश के चार शहरों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

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पन्ना/भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पन्ना दौरे के दौरान युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में ऐसे विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे, ताकि युवाओं से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान हो सके। पन्ना के होमगार्ड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले को 184.83 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 210 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तांतरित की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पन्ना के बृहस्पति कुंड में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से बने ग्लास फ्लोर और व्यू प्वाइंट का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इससे पन्ना में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और देश-विदेश से पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा। इसके अलावा गुन्नौर और पवई में बने सांदीपनि विद्यालयों सहित कई अन्य विकास कार्यों का भी लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में नए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और सरकार कृषि, पशुपालन, पर्यटन तथा उद्योग के क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती सर्वश्रेष्ठ है। यह महाराज छत्रसाल, वीर आल्हा ऊदल की धरती है। सौभाग्यशाली व्यक्ति ही ऐसी पुण्य धरा पर आ सकता है। यहां पन्ना में धरती के नीचे हीरा निकलता है, लेकिन धीरे-धीरे पानी की कमी होती गई। लोगों ने पलायन शुरू कर दिया, जिसे हमारी सरकार ने रोका। अब हमारी सरकार ने बुंदेलखंड की समृद्धि के लिए भारतरत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के संकल्प के अनुसार अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की शुरुआत की है। केंद्र सरकार ने 1 लाख करोड़ की इस परियोजना के लिए 90 प्रतिशत राशि देने की स्वीकृति प्रदान की। नदी जोड़ो परियोजना किसानों के लिए समृद्धि लेकर आएगी। राज्य सरकार ने तय किया है कि ऐसी परियोजनाओं में किसी की जमीन, मकान और दुकान आती है तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों से जमीन न बेचने की अपील:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के विकास में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख करोड़ रुपये की इस परियोजना में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत राशि उपलब्ध करा रही है। इससे सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि परियोजना से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

प्रदेश में सस्ती होगी मेडिकल शिक्षा एक-तिहाई तक कम होगी फीस, एमबीबीएस की सीटें भी बढ़ीं:
नीट की परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। मेरिट में जगह बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए मध्य प्रदेश में मेडिकल शिक्षा सस्ती होनी जा रही है। मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स की फीस में एक-तिहाई की कमी होने के आसार हैं।दूसरी ओर, सीट बढ़ोतरी के कारण नीट परीक्षा में मेरिट स्टूडेंट्स को अधिक संख्या में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलेगा। इससे मेरिट में आए नीट एस्पिरेंट को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी हुई सीट संख्या और कम फीस का दोहरा लाभ मिल सकेगा। वहीं, मैनेजमेंट कोटे के तहत स्टूडेंट्स का एडमिशन नीट मेरिट के आधार पर राज्य सरकार द्वारा की जाने वाली काउंसलिंग के माध्यम से होगा।

एमबीबीएस की सीटें बढ़ीं:
मध्यप्रदेशमें वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में मेडिकल कॉलेजों में मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ाई गई हैं। जहां वर्ष 2023 में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध सीटें 4675 थीं, इनमें से सरकारी कॉलेजों में 2275 सीटें और निजी कॉलेजों में 2400 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4315 सीटें निश्चित की गई थीं, जिसमें सरकारी कॉलेजों में 2215 और निजी कॉलेजों में 2040 सीटें रखी गई थीं।वर्ष 2026 में इनमें बढ़ोतरी करने पर मेडिकल कॉलेजों में कुल उपलब्ध सीटें 6020 हुईं, जिसमें सरकारी कॉलेजों में 3020 और निजी कॉलेजों में 3000 सीटें उपलब्ध रखी गईं। इस प्रकार वर्ष 2026 में मेरिट विद्यार्थियों के लिए कुल 4520 सीटें उपलब्ध रखी गईं, जिनमें सरकारी कॉलेजों में 3020 और निजी कॉलेजों में 1500 सीटें मेरिट विद्यार्थियों के लिए तय की गई।