नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए साफ कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अदालतें राजनीति का मंच नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच हो।बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ, राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए फंड में कथित गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग वाली विभिन्न जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा, बस एक चेतावनी… इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। अदालतें राजनीति की जगह नहीं हैं। यह अपराध का एक साधारण मामला है। हमें केवल यह सुनिश्चित करना है कि जांच सही तरीके से हो। सुप्रीम कोर्ट के पहले के निर्देशों के अनुपालन में जांच की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि फिलहाल जांच कौन कर रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सच्चाई का पता लगाने के लिए पहले स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई थी।




