नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): कॉकरोच जनता पार्टी’ के संसद मार्च में जमकर हंगामा देखने को मिला। हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। संसद मार्च में शामिल कुछ प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री भवन के पास बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं-समर्थकों ने सुरक्षाबलों के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों की परवाह छोड़ पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद तक मार्च शुरू किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसे तितर-बितर करने के लिए बल का भी प्रयोग किया। इस बीच संसद की सुरक्षा को भी पुख्ता करने के लिए सुरक्षा अधिकारियों ने विशेष इंतजाम किए। जंतर-मंतर और संसद के बीच कई जगहों पर सीजेपी समर्थकों और दिल्ली पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के बीच झड़प भी हुई।
सीजेपी ने रखीं ये तीन मांगें:
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कहा, हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए… दूसरी, हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; उन्हें या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस्तीफा दें। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। तीसरी, हमारी मांग है कि नीट की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनमें से 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत हो चुकी है। हम इन्हीं मांगों को लेकर जेपी नड्डा से मिले।




