खास खबर (मध्य स्वर्णिम): ऋषिकांत सिंह (रजत) परिहार (मो. 9425002527)
पुलिस पहले सिर्फ समाज की सुरक्षा करने और अपराधियों को पकड़ने वाली संस्था कहलाती थी, लेकिन आधुनिक युग में पुलिस का काम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। समाज के तेजी से बदलने के साथ, पुलिस की भूमिका और चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं। आज की पुलिस समाज को संरक्षण करने का काम भी कर रही है। पुलिस ने नशे से दूरी है जरूरी जैसे सुधार के कदम उठाकर सामाजिक चेतना का नया बिगुल फूंका है। जसके तहत मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस विभाग द्वारा नशे । दूरी है जरूरी 2.0 जागरूकता अभियान के दूसरे चरण की शुरुवात बीतें 15 जुलाई से सभी 55 जिलों में हो गई है। जिसके पीछे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा का उद्देश्य है कि आज की युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों से दूर रखना है। जिसका बीड़ा स्वयं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उठाया और पुलिस सहायता केंद्र से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। दैनिक मध्य स्वर्णिम के इस प्रतिनिधि को एक संक्षिप्त मुलाकात में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि नशे से दूरी है जरूरी 2.0 एक वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान है। जिससे युवाओं को मादक पदार्थों (सिंथेटिक ड्रग्स, स्मैक, गांजा आदि) के घातक परिणामों से बचाना और समाज को नशामुक्त बनाना है। यह अभियान 15 से 30 जुलाई तक पूरे प्रदेश में चलेगा। जिसका हिस्सा प्रदेश सरकार, सभी सामाजिक संगठन, एनजीओ सहित पुलिस विभाग है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में भी नशे को लेकर एक सिलेबस जुड़वा दिया गया है। जिसमें नशे से दूरी, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा जैसे विषय शामिल किए है। ताकि बच्चों को शुरुवाती समय में पड़ी गई चीजें लंबे समय तक याद रहती है, इसलिए इसका फायदा भविष्य में जरूर मिलेगा। सबसे खास बात उन्होंने यह कही कि नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब दूसरे राज्यों के पुलिस अधिकारी भी इस अभियान की जानकारी ले रहे है। एक सवाल के जवाब में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि मुझे यह प्रसन्नता है की नशे से दूरी है जरूरी अभियान के प्रथम चरण में मध्यप्रदेश पुलिस 22 लाख लोगों तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर जागरूक किया था तो वहीं सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्मों के माध्यम से करीब 6 करोड़ लोग इस अभियान जुड़े। दूसरे चरण में अलग-अलग जिलों में विशाल मानव श्रृंखला, नुक्कड़ नाटक, वाहन रैली, स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां कराकर शपथ दिलाने सहित स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा नशा मुक्ति रैली निकालकर नशे है दूरी जरुरी का सन्देश, देने का काम वृद्ध स्तर पर किया जा रहा है। कुल मिलाकर युवाओं के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की उस दूरदर्शी सोच पर अमलीजामा पहनाने के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कमर कस ली है और वे खुद इस मोर्चे की कमान संभाले हुए है।
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.




