‘छोटे बच्चों की निराशा तो देखिए’ सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई के नए मार्किंग सिस्टम पर मांगा जवाब

0

नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई। कोर्ट ने देखा कि युवा छात्रों में निराशा है और अधिकारियों से सुधारात्मक कदम उठाने को कहा । सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कुछ समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है । भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिका में मांग की गई है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग मार्किंग सिस्टम के माध्यम से सीबीएसई बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए नियम बनाया जाए। सीबीएसई बोर्ड के नए मार्किंग सिस्टम मामले में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि छोटे बच्चों की निराशा को देखिए और इस मामले से निपटने के लिए सॉलिसिटर जनरल से मदद मांगी। परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं पर बात करते हुए जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि कुछ समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ रही हैं और कोर्ट इन चिंताओं को दूर करने के लिए अधिकारियों से मदद चाहता है ।

कम अंक मिलने जैसी शिकायतें:
सीबीएसई का ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’मार्किंग सिस्टम एक डिजिटल ग्रेडिंग तरीका है। सीबीएसई ने पहली बार 12वीं की कॉपियों की चेकिंग पेन-पेपर तरीके की बजाय डिजिटल माध्यम से की। इस नई व्यवस्था को ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम कहा गया। बोर्ड का दावा था कि इससे मूल्यांकन अधिक तेज, सटीक और छात्रों के लिए बेहतर होगा। लेकिन रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने ब्लर कॉपी, उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली और उम्मीद से कम अंक मिलने जैसी शिकायतें की थीं।