भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का आधार है। छोटे उद्योग करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश में रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। हमारा उद्देश्य वर्ष 2047 तक प्रदेश में एक करोड़ एमएसएमई स्थापित करने का है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हर जिले में उद्योग, हर परिवार में रोजगार और हर युवा को अवसर देना राज्य सरकार का लक्ष्य है। पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है । जिस प्रकार हर 12 वर्ष में सिंहस्थ स्नान का अवसर मिलता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन के 12 वर्ष से देशवासियों को अमृत स्नान का अवसर प्राप्त हुआ है। बीते 12 वर्षों में मोदी के नेतृत्व में एमएसएमई क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है । मुख्यमंत्री रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्ट – अप्स तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से प्रोत्साहन राशि और हितलाभ वितरण के लिए आयोजित समृद्ध एमएसएमई- विकसित मध्यप्रदेश कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्ट- अप प्रोत्साहन के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से 900 एमएसएमई यूनिट्स को 360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया ।
एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने के लिए नियमों को सरल किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 30 नए औद्योगिक क्षेत्र और 14 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 1 हजार 63 भूखंड, उद्यमियों को आवंटित किए जा चुके है। आने वाले ढाई वर्षों में 60 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित करने और 6 हजार से अधिक भू-खंड नए उद्यमियों को देने का लक्ष्य है। सरकार द्वारा दी जा रही सहायता केवलू अनुदान नहीं, बल्कि उद्यमियों के सपनों को गति देने का माध्यम है। इससे नए उद्योग स्थापित होंगे, उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। एमएसएमई क्षेत्र सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को इससे नए अवसर प्राप्त होंगे। मध्यप्रदेश के उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। सरकार तकनीक, वित्त और आवश्यक मार्गदर्शन देकर स्थानीय उद्यमों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के स्टार्टअप आज देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।




