उमरिया (मध्य स्वर्णिम): मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे ग्राम झलवार में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जिस स्थान पर बाघ ने एक महिला को अपना शिकार बनाया था, उसी स्थान पर शनिवार को एक युवक को भी मौत के घाट उतार दिया। मृतक आपस में रिश्तेदार भी है। 24 घंटे के अंदर एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले शुक्रवार को बाघ ने फूलबाई को अपना शिकार बनाया था, उसी स्थान पर शनिवार को उनके भतीजे कल्याण सिंह (30) पुत्र कृपाल सिंह को भी मौत के घाट उतार दिया । हमले के बाद बाघ शव के पास ही बैठा रहा और मृतक के शरीर के निचले हिस्से को भी क्षत-विक्षत कर दिया। ग्रामीणों ने काफी प्रयास किए, लेकिन बाघ शव को छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। बाद में जंगल चौकी प्रभारी द्वारा हाथियों को बुलाया गया, जिसके बाद घंटों की मशक्कत के पश्चात शाम करीब 5.30 बजे शव को बाघ के कब्जे से मुक्त कराया जा सका। गांव निवासी राजपाल सिंह ने बताया कि घटना के कई घंटे बाद तक वरिष्ठ वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा, अभी बड़ी मां की चिता की आग भी नहीं बुझी थी कि बाघ ने भतीजे को भी मौत के घाट उतार दिया। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई में भी देरी हुई, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया ।
वन विभाग ने की घटना की पुष्टि:
एसडीओ वन भूरा गायकवाड़ ने बताया कि पनपथा कोर रेंज अंतर्गत ग्राम झलवार के पास कक्ष क्रमांक आरएफ-460 झिरिया हार क्षेत्र में बाघ ने कल्याण सिंह पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं पनपथा कोर परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी रमेश पाटले ने भी युवक की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। विभाग ने लोगों से जंगल में अकेले न जाने तथा विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
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