हाईटेक लैब से होगी पेयजल की निगरानी

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इंदौर: स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सियासत गरमा गई है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया था कि शहर में 98 प्रतिशत दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। उनके अनुसार कांग्रेस ने 29 वार्डों में 200 से अधिक पानी के नमूनों की जांच कराई, जिसमें यह निष्कर्ष सामने आया रिपोर्ट सामने आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उन क्षेत्रों का दौरा किया, जहां जल गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कई स्थानों पर जल आपूर्ति के दौरान मौके पर पहुंचकर पानी की गुणवत्ता का निरीक्षण किया और स्वयं पानी पीकर उसकी जांच का दावा किया । इस बीच नगर निगम ने जल गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच को और मजबूत बनाने के लिए जल परीक्षण प्रयोगशाला में माइक्रोबायोलॉजी जांच हेतु अत्याधुनिक मशीन खरीदने का निर्णय लिया है । नई मशीन एंजाइम – आधारित कोलीफॉर्म परीक्षण तकनीक के माध्यम से कुल कोलीफॉर्म, ई-कोलाई और मलजनित कोलीफॉर्म जीवाणुओं की जांच करेगी। मशीन स्थापित होने के बाद नगर निगम की जल परीक्षण क्षमता बढ़कर करीब 2,000 नमूने प्रतिमाह हो जाएगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और वैज्ञानिक बनेगी।