नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): केंद्रीय कैबिनेट ने देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और विमानन क्षेत्र को वित्तीय झटकों से बचाने के लिए कुल 39,290 करोड़ रुपये के छह अहम प्रोजेक्ट्स को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इन नीतिगत फैसलों का सीधा असर देश की एविएशन इंडस्ट्री की बैलेंस शीट, कमर्शियल परिवहन व्यवस्था और राज्यों की इंटर सिटी कनेक्टिविटी पर पड़ेगा । इस मेगा पैकेज में विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए एक विशेष फंड बनाने के साथ-साथ दिल्ली के प्रदूषण स्तर को कम करने और चार प्रमुख राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क को रफ्तार देने पर रणनीतिक फोकस किया गया कैबिनेट के मौजूदा फैसलों में कुल स्वीकृत बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर विमानन क्षेत्र की स्थिरता और राष्ट्रीय राजधानी के पर्यावरण सुधार के लिए रखा गया है । ईंधन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव से घरेलू विमानन कंपनियों को बचाने के लिए 10000 करोड़ रुपये का एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड स्थापित करने का अहम फैसला किया गया है। एविएशन इंडस्ट्री लंबे समय से ईंधन की अस्थिर लागत से जूझ रही थी। यह फंड एयरलाइंस की परिचालन लागत को स्थिर रखने और मार्जिन को सुरक्षित करने में मददगार साबित होगा ।
नेशनल हाईवे-347बी का उन्नयन:
राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के उन्नयन परियोजना को मंजूरी दे दी है। जुलवानिया- खंडवा-बैतूल मार्ग के 233 किलोमीटर लंबे हिस्से के विकास पर लगभग 4,415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से प्रदेश के बैतूल, खंडवा, खरगोन और बड़वानी जिलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। मार्ग पर कई स्थानों पर बाईपास भी बनाए जाएंगे, जिससे शहरों में यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों को सुगम एवं तेज सफर का लाभ मिलेगा।




