भोपाल (मध्य स्वर्णिम): दमोह जिले में चर्चित संजीवनी अस्पताल फर्जी डॉक्टर प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टरों की भर्ती कराने के मामले में कोतवाली पुलिस ने भोपाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लग्जरी वाहन और पांच लाख 36 हजार 900 नकद सहित करीब 45 लाख का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद फर्जी भर्ती नेटवर्क और उसके तारों को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं । जानकारी के अनुसार, 16 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से पुलिस को एक जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था । जांच में सामने आया कि डॉ. कुमार सचिन यादव निवासी ग्वालियर और डॉ. राजपाल गौर निवासी सीहोर की भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई थी। सूचना मिलने पर जबलपुर से भी पुलिस ने एक आरोपी डॉ अजय मौर्य को धर दबोचा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। दस्तावेजों की पड़ताल, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका सामने आने लगी। जांच के दौरान यह संकेत मिले कि भर्ती में फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से किया गया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में- हीरा सिंह कौशल ( 44 ), पिता रामप्रकाश कौशल, निवासी कोहेफिजा भोपाल साथ ही आदिल सिद्दीकी (37), पिता स्वर्गीय अफजल सिद्दीकी, निवासी बाग दिलखुश, भोपाल शामिल हैं




