पीछे हटेगी अमेरिकी सेना, होर्मुज के खुलेंगे रास्ते

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तेहरान (मध्य स्वर्णिम): ईरान ने कहा कि अमेरिका के साथ शांति समझौते का एक मसौदा तैयार हुआ है, जिससे होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकती है और समुद्री नाकाबंदी खत्म हो सकती है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने यह जानकारी दी। इस प्रारूप के तहत ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये होने वाली व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध के पहले के स्तर पर वापस लाएगा। वहीं, अमेरिका ईरान के आसपास से अपनी सैन्य ताकत को हटाएगा और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करेगा । ईरान की समाचार एजेंसी मिजान ने इस प्रस्ताव के बारे में और विस्तार से बताया है, जो एक बहु-स्तरीय शांति प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।

सैन्य ताकत हटाएगा अमेरिका:
इसने कहा, अमेरिका ने कथित तौर पर वादा किया है कि वह ईरान के आसपास से अपनी सैन्य को हटाएगा। लेकिन इसमें यह शामिल होगा या नहीं कि वह क्षेत्र में भेजी गई सेनाएं हटाएगा या वहां के सैन्य ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी हटाएगा, इस पर आगे बातचीत होगी। रिपोर्ट में आगे कहा गया, अगर 60 दिनों के अंदर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इस समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक बाध्यकारी (कानूनी रूप से मानने योग्य) प्रस्ताव के रूप में मंजूरी दी जाएगी।

भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन पाक का बयान खारिज किया:

भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है । विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं । भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।