राहवीर योजना के क्रियान्वयन में एमपी अव्वल

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शीघ्र प्रारंभ की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बताया गया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन किया जा रहा है। बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा क्रियान्वित पीएम- राहत योजना एवं राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, पूरे देश में पहले स्थान पर है। पीएम- राहत योजना में राज्य के सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। योजना में कुल 2,298 प्रकरणों में से 1692 प्रकरण अनुमोदित कर दिए गए हैं। राह- वीर योजना में कुल 109 आवेदन मिले, इनमें से 49 प्रकरण मंजूर कर लिए गए हैं। बालाघाट जिले में राह-वीर योजना पर बहुत अच्छा काम हुआ है बैठक में बताया गया कि हाल ही में मध्यप्रदेश में हुई सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की बैठक में कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा इन दोनों योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की पहल की बेहद सराहना की गई है। इसी कमेटी की अनुशंसा पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में पृथक से म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को दिए गए 4,400 करोड़ रूपए के लक्ष्य के विरूद्ध कुल 4911.78 करोड़ रूपए राजस्व आय अर्जित की गई। दिए गए लक्ष्य से विभाग द्वारा 111.6 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जन किया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 5,721 करोड़ रूपए राजस्व आय का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सर्विसेस दी जा रही हैं। इससे नागरिकों को बिचौलियों से तो मुक्ति मिली ही है, साथ ही पारदर्शितापूर्ण सेवा प्रदाय भी सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी उपलब्धियों के लिए विभागीय मंत्री, अधिकारियों एवं मैदानी अमले को भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण नेटवर्क विस्तार, महिला सुरक्षा और प्रदेश के नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना का जल्द से जल्द फील्ड में शुभारंभ किया जाए। सचिव, परिवहन श्री मनीष सिंह ने बताया कि योजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से प्रक्रियागत काम जारी है। यह योजना दो चरणों में चलाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में 7 क्षेत्र क्रमश: इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) स्थापित किए गए हैं। पहले चरण में चलाई जाने वाली बसों के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग मंजूरी की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों के विस्तारित मार्गों की अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1164 मार्गों पर लगभग 5206 बसों का संचालन अगले दो सालों में किया जाएगा।