नरसिंहपुर (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिये माताओं और बहनों का सम्मान सर्वोपरि है । मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश शासन की सबसे बड़ी और प्रभावी योजनाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर की पावन धरती पर बहनों के बीच पहुंचकर ऐसा अनुभव हो रहा है मानो रक्षाबंधन, भाईदूज और दीपावली जैसे सभी पर्व एक साथ मनाए जा रहे हों । मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 36वीं किस्त के रूप में 1835 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की । साथ ही 296 करोड 34 लाख रुपये लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रानी दुर्गावती के पराक्रम को नमन:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान नरसिंह की यह भूमि वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और पराक्रम की साक्षी रही है। उनके सम्मान में प्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर एवं सिंग्रामपुर में विशेष कैबिनेट बैठकों का आयोजन किया गया। वहीं आदिवासी शहीद भभूत सिंह के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को स्मरण करते हुए भी विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 पर महिला सांसद, 27 महिला विधायक तथा 5 महिला मंत्री कार्यरत हैं।
महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना ने बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। अब महिलाएं केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कम्प्यूटर, सुरक्षा, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। पुलिस विभाग में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
किसानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और इसे शक्कर का कटोरा कहा जाता है। गाडरवारा की तुअर दाल देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यह जिला गेहूं एवं सोयाबीन उत्पादन में भी अग्रणी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गेहूं, चना, सरसों, मसूर एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित कर रही है। उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक गेहूं खरीदी करने वाला राज्य बन चुका है। किसानों के हित में 23 मई तक खरीदी जारी रहेगी तथा आवश्यकता पडऩे पर अवधि और बढ़ाई जाएगी।
विकास की नई दिशा में मध्यप्रदेश:
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और मध्यप्रदेश भी तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार सिकल सेल एवं कुपोषण जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से मुकाबला कर रही है। उन्होंने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से 53 लाख बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।




