भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान हितैषी नीतियों और मंडी बोर्ड की सक्रियता का परिणाम है कि कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा 64 कृषकों को उनके द्वारा विक्रय की गई उपज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने के आदेश प्रसारित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति चौरई में पंजीकृत अनुज्ञप्तिधारी फर्म ज्ञाता श्री ट्रेडर्स, चौरई के द्वारा कृषकों से खरीदी गई अधिसूचित कृषि उपज का भुगतान नहीं करने पर मंडी समिति ने त्वरित कार्रवाई की। न्यायालय तहसीलदार, चौरई द्वारा फर्म से वसूली के लिए आर. आर. सी. जारी कर 96,51,500 रुपये (छियानबे लाख इक्यावन हजार पांच सौ रुपये) की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई | मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए सिविल कोर्ट / जिला कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 30 अप्रैल 2026 को किसान हित में निर्णय पारित कर भुगतान स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘उपज का एक- एक दाना कीमती है। मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है।’ उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो। खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए |मंडी बोर्ड द्वारा सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
खाद्य मंत्री ने खरीद केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को भोपाल से सागर जाते समय अचानक रायसेन जिले के सेहतगंज स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। मंत्री राजपूत ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए तुलाई, खरीदी एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौके पर बारदाने का वजन कराया और भरे बोरे के गेहूं का वजन कराया। निरीक्षण के दौरान मंत्री राजपूत ने उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की तथा ऑटो कनेक्टिविटी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खरीदी के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और तुलाई प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।मौके पर कार्य में थोड़ी शिथिलता पाए जाने पर खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने संबंधित सर्वे कर्मचारियों वसुंधरा गौर और शिवराज लोधी को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए।




