वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा करने की बात कही है, लेकिन इसकी सफलता पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक अपने अपराधों की कीमत नहीं चुकाई है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि वे ईरान के भेजे गए प्रस्ताव को जल्द देखेंगे, लेकिन इसके स्वीकार होने की संभावना कम है। उनका कहना है कि पिछले 47 साल में ईरान ने जो किया, उसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी बाकी है। दरअसल ईरान की एजेंसियों के मुताबिक, तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 – पॉइंट प्रस्ताव भेजा है। इसमें सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट के लिए नया फेमवर्क बनाने की बात शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अब अमेरिका को तय करना है कि वह बातचीत चाहता है या टकराव । ईरान दोनों विकल्पों के लिए तैयार है ।
ईरानी अधिकारी बोले- अमेरिका पर भरोसा नहीं:
ईरानी सेना के सीनियर अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कल कहा कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता और दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध हो सकता है । उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो जवाब दिया जाएगा । उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका किसी भी समझौते या वादे का पालन नहीं करता । असदी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान और कदम ज्यादातर दिखावटी और मीडिया के लिए होते हैं। उनका मकसद पहले तेल की कीमतों को गिरने से रोकना और दूसरा अपनी बनाई हुई मुश्किल स्थिति से बाहर निकलना है ।




