बंगाल चुनाव में फाल्टा के 285 बूथों पर 21 को होगा दोबारा मतदान

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कोलकाता (मध्य स्वर्णिम): चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र हुई हिंसा और वोटरों को धमकाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने फाल्टा के सभी 285 मतदान केंद्रों पर 4-21 मई को दुबारा मतदान कराने का निर्णय लिया है। इसके नतीजे नतीजे 24 मई को आएंगे। इसके पीछे एक अनूठी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। साजिश के तहत बैलेट यूनिट के बटनों पर परफ्यूम लगाया गया था ताकि जब मतदाता अपनी पसंद का बटन दबाए, तो उसकी उंगली पर वह विशेष सुगंध लग जाए । इसके जरिए बाद में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि किस व्यक्ति ने किस उम्मीदवार को वोट दिया है। यह न केवल मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन है, बल्कि मतदाताओं को डराने-धमकाने का एक नया और गंभीर तरीका भी है। इसके अलावा, कई बूथों पर बटनों पर ब्लैक मास्किंग टेप चिपका दिया गया था, जिससे मतदाता अपनी इच्छानुसार उम्मीदवार का चुनाव नहीं कर पा रहे थे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से सामने आई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव आयोग के स्पेशल ऑब्जर्वर की रिपोर्ट में मतदान के दौरान हुई धांधली के ऐसे तरीके उजागर हुए हैं, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है।

छेड़छाड़ की बात आई सामने:
रिपोर्ट के अनुसार, फाल्टा के कई पोलिंग स्टेशनों पर मतदाताओं की पहचान करने के लिए ईवीएम के बटनों पर परफ्यूम (सुगंध) का इस्तेमाल किया गया था। स्पेशल ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के मुताबिक, फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के करीब 21 प्रतिशत बूथ इस धांधली से प्रभावित पाए गए। इन 285 बूथों पर लगभग 53,967 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। जांच में यह भी सामने आया कि कई जगहों पर ‘कंपैनियन वोटिंग’ के नाम पर फर्जी मतदान हुआ और पोलिंग एजेंट खुद मतदाताओं की जगह वोट डालते नजर आए। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब सबूतों के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई। कई बूथों के वीडियो फुटेज गायब मिले, तो कहीं रिकॉर्डिंग चिप्स में पुराने वीडियो पाए गए। कुछ मामलों में तो बिहार चुनाव के पुराने फुटेज मिलने की भी बात कही गई है।