प्रदेश की 38901 आंगनवाड़ी भवन होंगे रोशन

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भोपाल (मध्य स्वर्णिम): मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, किसानों और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और किसान हितों के लिए बड़े बजट की मंजूरी दी गई। वहीं, प्रदेश के 38,901 भवनों में विद्युतीकरण के लिए राशि को स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन- कल्याण के लिए 26 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई । प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लोक निर्माण विभाग की आगामी 5 वर्षों (2026- 2031) की विभिन्न निर्माण व नवीनीकरण परियोजनाओं के लिए 26,311 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है । सामाजिक न्याय और शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंत्रि – परिषद ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति राशि में ऐतिहासिक वृद्धि कर इसे 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण सिंचाई व्यवस्था के लिए लखुंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और प्रदेश की 38,901 आंगनवाड़ियों के विद्युतीकरण के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। चिकित्सा क्षेत्र में विस्तार के लिए भोपाल और रीवा के चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृतियां भी दी गईं, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और अधोसंरचना को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नई ऊंचाई प्रदान करेंगी। मंत्रि- परिषद की बैठक वन्दे मातरम गान से प्रारंभ हुई मंत्रि-परिषद द्वारा शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 155 करोड़ 82 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के 17 एवं उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 ग्राम इस तरह कुल 24 ग्रामों के लिए 9 हजार 200 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी । परियोजना अंतर्गत लखुंदर नदी पर शाजापुर जिले में मक्सी के समीप पूर्व से ही निर्मित जलाशय से 24.37 मीट्रिक घन मीटर जल का उद्वहन कर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाऐगी मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मार्गों के नवीनीकरण, कार्यालयों की स्थापना और मरम्मत, आवासों के अनुरक्षण सहित भू-अर्जन के लिए मुआवजा संबंधी विभिन्न योजनाओं की सोलहवें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरन्तरता के लिए लगभग 26 हजार 311 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।


भोपाल और रीवा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेगी सुविधाएं:

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी निर्णय लिया । इसमें धी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के पीजी सीट विस्तार और आधुनिक सुविधाओं स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत रेडियोथैरिपी विभाग की ओ.पी.डी, लीनियक मशीन बँकर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथलैब का निर्माण कार्य के लिए 14 करोड़ 8 लाख रूपये की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने के साथ 79 करोड़ 16 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं रीवा के श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल विस्तार के लिए बजट बढ़ाकर 174.80 करोड़ रुपये किया गया है । इन फैसलों से प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और इलाज सुविधाएं और मजबूत होंगी ।