नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): पश्चिम एशिया में समुद्र के रास्ते व्यापार करना लगातार खतरनाक होता जा रहा है। भारत सरकार ने बताया ईरान ने भारतीय चालक दल वाले एक रासायनिक टैंकर को अपना निशाना बनाया। ओमान की समुद्री सीमा के पास हुई इस फायरिंग की घटना ने सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। हालांकि, भारत सरकार पूरे हालात पर करीब से नजर बनाए हुए है और देशवासियों को खाद और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भी बड़ा भरोसा दिया है। पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने इस घटना की पूरी जानकारी दी। ईरानी तटरक्षक बल ने 25 अप्रैल को ओमान के आउटर पोर्ट सीमा में एक टोगो – ध्वज वाले टैंकर एमटी सिरोन पर गोलियां चलाईं। इस टैंकर पर कई भारतीय नाविक सवार थे | मंत्रालय के अधिकारी मनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि यह गोलीबारी सिर्फ चेतावनी के तौर पर की गई थी । राहत की बात यह है कि जहाज पर सवार सभी 17 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं । यह घटना उस समय हुई जब यह जहाज अन्य जहाजों के साथ वहां से गुजर रहा था। डीजी शिपिंग नियंत्रण कक्ष अब तक 7,780 कॉल का जवाब दे चुका है और फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है । 22 अप्रैल को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमला किया था, जो गुजरात के मुद्रा बंदरगाह आ रहा था। यह हमला तब हुआ जब ट्रंप मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, उनके द्वारा अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटे बीते थे । ईरान के आईआरजीसी-एन ने एमएससी – फ्रांसेस्का और एपामिनोडास नामक दो जहाजों पर हमला कर उन्हें कब्जे में लिया था। 18 अप्रैल को भी ईरान ने इसी रास्ते में दो भारतीय जहाजों पर हमला किया था, जिस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया था। ईरान का दावा था कि ये जहाज बिना अनुमति के काम कर रहे थे, जबकि भारत ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन बताया था ।
किसानों के लिए खाद की कमी नहीं:
सरकार ने साफ किया है कि देश में फर्टिलाइजर (खाद) का भंडार बहुत मजबूत है और डरने की जरूरत नहीं है।खरीफ की फसल के लिए 18.17 लाख मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत थी, लेकिन हमारे पास 71.58 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक मौजूद है।डीएपी खाद भी जरूरत से कई गुना ज्यादा गोदामों में भरी हुई है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यूरिया (266.5 रुपये) और डीएपी (1350 रुपये) के दामों में सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है।




