भोपाल (मध्य स्वर्णिम): लोकसभा में महिला आरक्षण के बिल के पारित ना होने के विरोध में राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी ने ‘जन- आक्रोश महिला पदयात्रा’ का आयोजन किया। इस दौरान एमवीएम ग्राउंड से रोशनपुरा चौराहे तक पदयात्रा निकाली गई। इसमें महिलाओं के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए। इससे पहले रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे का मजाक उड़ाया है। उन्होंने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेत्री को शर्म आनी चाहिए। प्रियंका बड़ी-बड़ी बातें करती थीं, कहती थीं मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। अब उनकी ये बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब बहनों के अधिकार का उन्होंने गला घोंट दिया। कांग्रेस ने आजादी के समय शुरू की अपनी परंपरा को निभाया। प्रियंका- राहुल के पिता ने भी तीन तलाक के कानून को लेकर बहनों के अधिकार पर डाका डाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि डाका डाला था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को कुचलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर सजा दी जाएगी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय करने वालों को देश कभी माफ नहीं करेगा । उन्होंने मंच से कहा कि बहनों की इच्छा का दमन करने वालों को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने इस आक्रोश को देश के सामने मजबूती से रखें । उन्होंने यह भी कहा कि भारत की परंपरा में नारी का सम्मान सर्वोपरि रहा है और इसे किसी भी हाल में कम नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने कर्मों की कीमत चुकानी होगी। इस पार्टी ने हमारी बहनों के अधिकार छीनने का काम किया है। नारी शक्ति वंदन विधेयक को जिस तरह से सदन में गिराया गया, उससे स्पष्ट है कि वे नहीं चाहते कि हमारी बहनों को उनका अधिकार मिले, लेकिन अब हमारी बहनें चुप नहीं बैठेंगी। हम लोकतांत्रिक तरीके से, सड़क से लेकर संसद तक अपनी बहनों के साथ मिलकर कांग्रेस का विरोध करेंगे | मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सामाजिक सुधारकों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में बहनों के हक के लिए भाइयों ने सदैव लड़ाइयां लड़ीं। राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ लड़ाई शुरू की । ज्योतिबा फुले ने नारी समानता के लिए लड़ाई लड़ी। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बहनों को अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई शुरू की। महात्मा गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के हक में आवाज उठाई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, नारी सब भूल जाती है, कभी अपना अपमान नहीं भूलती।
विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र:
इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव भी लाया जा सकता है।इस बात के संकेत मुख्यमंत्री डॉ. यादव लगातार दे रहे हैं,जिसमे विपक्षी दलों को महिला आरक्षण का समर्थन नहीं करने पर निंदा की जाएगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी 30 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया है। इधर मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा ने भी मध्यस्वर्णिम से अनौपचारिक चर्चा में विशेष सत्र बुलाए जाने की बात को स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के बीच चर्चा के बाद सत्र के संभावित तिथि की अधिसूचना जारी की जाएगी।
मोदी सरकार का खेल बेनकाब:
भोपाल में महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा ने पत्रकार वार्ता कर केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया है। ओझा ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से जोडऩा सरकार की सोची-समझी रणनीति थी, जिससे इसे लागू करने में देरी हो। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ कदम बताते हुए कहा कि विपक्ष की एकजुटता के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि संसद में हुए मतदान में विधेयक को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। कुल 528 वोटों में से 298 पक्ष में और 230 विरोध में पड़े, जिसके चलते संशोधन पारित नहीं हो सका। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया।




