नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परिसीमन से जुड़े हालिया संसदीय कदम का उद्देश्य संसद में तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करना है। तिरुवल्लूर जिले के पोन्नेरी में जनसभा को संबोधित कर राहुल गांधी ने इस कदम को दक्षिणी राज्यों को प्रभावित करने वाली व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। क्षेत्रीय चिंताओं का जिक्र कर उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा राज्य की पहचान को निशाना बनने में जुटे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि स्वाभाविक रूप से, वर्षों से मेरा तमिलनाडु के लोगों के साथ रिश्ता रहा है। मेरा जन्म तमिलनाडु में नहीं हुआ है, और मेरा परिवार भी तमिलनाडु से नहीं है, फिर भी मैं खुद को तमिलनाडु का ही मानता हूँ। आरएसएस और भाजपा तमिलनाडु, तमिल भाषा और तमिल संस्कृति को खत्म करने में जुटे हैं। मुझे आश्चर्य होता है कि इन लोगों की हिम्मत कैसे हुई तमिलनाडु की तमिल भाषा और संस्कृति पर हमला करने की। शुक्रवार को संसद में हुए घटनाक्रम पर राहुल गांधी ने दावा किया कि इस विधेयक के पीछे एक गुप्त उद्देश्य छिपा है। उन्होंने कहा कि कल संसद में उन्होंने एक नया विधेयक पेश किया। उन्होंने इस बिल को महिला विधेयक बताया, लेकिन वह बिल 2023 में ही पारित हो चुका था। लेकिन उस विधेयक के पीछे छिपा एजेंडा परिसीमन करना था। इसका मकसद भारत की संसद में तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करना और दक्षिणी तथा छोटे राज्यों को कमजोर करना था।




