गेहूं खरीदी में बड़ा घोटाला उजागर, हजारों क्विंटल गेंहू का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर वेयरहाउस सील

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हरदा: जिले के खिरकिया क्षेत्र में शासकीय समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। उपार्जन समिति के निरीक्षण में मार्केटिंग सोसायटी द्वारा संचालित समृ‌द्धि वेयरहाउस में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पंचनामा कार्रवाई करते हुए वेयरहाउस को सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू हुई थी, जिसमें किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर उपज खरीदी जानी थी। हालांकि निरीक्षण के दौरान करीब 3400 क्विंटल गेहूं बिना स्लॉट बुकिंग के ही वेयरहाउस में जमा पाया गया। इसमें कुछ गेहूं सरकारी बोरों में भरा था, जबकि बड़ी मात्रा में खुले में ढेर के रूप में रखा गया था ।सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि गोदाम में रखे गेहूं पर किसान कोड वाली पर्चियां नहीं लगी थीं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उपज किन किसानों की है। इसके अलावा, वेयरहाउस में रखे हजारों क्विंटल गेहूं का सटीक रिकॉर्ड भी मार्केटिंग सोसायटी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। उपार्जन समिति के अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर पूरी स्थिति का दस्तावेजीकरण किया और रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंप दी है।

अमानक बीज मामले में एफआईआर:
मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए भारी नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि अमानक बीज और रोपे के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और रोपे खरीदे थे। लेकिन बुआई के बाद फसल में सही उत्पादन नहीं हुआ। करेला के फल छोटे रह गए, पीले होकर गिरने लगे और उत्पादन में भारी गिरावट आई। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा।किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।