मोदी ने संसदीय नेताओं को लिखा पत्र, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कराने के लिए माँगा सहयोग

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नई दिल्ली (मध्य स्वर्णिम): 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र शुरू होना है, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन सबसे अहम मुद्दे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधनों पर चर्चा के लिए सभी राजनीतिक दलों के संसदीय नेताओं को पत्र लिखा है। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से सहयोग और समर्थन मांगा है, जबकि सूत्रों का कहना है कि यह कदम विपक्ष के लिए अपनी एकजुटता दिखाने का मुद्दा बन गया है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने कहा है कि यह संवैधानिक संशोधन हमारे देश की महिलाओं के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की पूर्ति होगा। महिला आरक्षण को लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण निर्धारित करता है। सितंबर 2023 में पारित किया गया था। अहम बात यह है कि महिला आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही प्रभावी होना था, जिसका अर्थ था कि यह 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसे 2029 के चुनावों से लागू करने के लिए अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता है। संवैधानिक संशोधन के पारित होने के लिए आवश्यक दो- तिहाई बहुमत सुनिश्चित करने हेतु भाजपा को विपक्षी दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी। पीएम मोदी ने विपक्ष दलों को भेजे अपने पत्र में कहा, विशेष बैठक हमारे लोकतंत्र को और मजबूत करने का एक अवसर है।